संसू, गोंडा : मकसद था ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को हुनर सिखाकर स्वावलंबी बनाने का। इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए थे। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ड्रेस आपूर्ति के लिए सिलाई की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह को सौंपी गई थी। बीते वर्ष स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने एक लाख सेट यूनिफार्म की सिलाई करके आपूर्ति भी कर दी थी लेकिन, अभी करीब 40 लाख रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। अब ये महिलाएं भुगतान के लिए अफसरों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
संवादसूत्र, धानेपुर (गोंडा) : क्षेत्र में आकस्मिक मौतें होने का दौर जारी है। परिवारजन व स्वास्थ्य विभाग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। फिलहाल क्षेत्र में कोरोना महामारी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सैनिटाइजेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है। मुजेहना ब्लॉक में 62 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन आकस्मिक मृत्यु होने की सूचना लोगों तक पहुंच रही है। लोगों को सर्दी, जुकाम व अन्य मामूली शिकायत पर कुछ दवाएं लेने के बाद पता चलता है कि उस व्यक्ति की मौत हो गई। इस तरह की सूचनाएं गांव, गली व आसपास आम बात हो गई है। गांव के मतदाता मुंबई, लुधियाना, अमृतसर, दिल्ली, सूरत जैसे विभिन्न शहरों में रहते थे। पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए यह वहां से गांव में अपने पसंद के उम्मीदवार को मत देने के लिए आए। साथ में कोरोना जैसी महामारी को भी अपने साथ ले आए। इसका नतीजा है कि गांव में इस समय मौतों का सिलसिला जारी है लेकिन, स्वास्थ्य विभाग कोरोना जैसी बीमारी से मौतों पुष्टि नहीं करता है। जिनके परिवार में मृत्यु होती है उनके परिजन भी कोविड जांच की बात स्वीकार नहीं करते हैं लेकिन, आकस्मिक मौत होने पर आशंका प्रबल रहती है।
संसू, गोंडा : पंचायत की सबसे बड़ी कुर्सी पर आसीन होने के सपने भले ही कई लोग देख रहे हों लेकिन, कुर्सी तक पहुंचने का सफर इस बार सियासी ताकत पर निर्भर करेगा। वार्ड परिसीमन के बाद जिले में जिला पंचायत के वार्डों की संख्या इस बार 65 है। बहुमत के लिए कम से कम 33 सदस्यों का समर्थन जरूरी है लेकिन, ये आंकड़ा किसी भी एक दल के पास नहीं है। सत्ताधारी दल भाजपा हो या विपक्ष में सपा, किसी को भी बहुमत नहीं मिला है। सबसे ज्यादा इस बार निर्दलीय उम्मीदवार जीतकर आए हैं। फिलहाल, चुनाव टलने की आहट के बीच थोड़ी रफ्तार कम जरूर हुई है।